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बुधवार, 13 सितंबर 2017

कविता "ज्येष्ठ पुत्र नितिन का जन्मदिन" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जन्मदिवस की बेला पर, 
आशीष तुम्हें मैं देता।
जीवन के क्रीड़ांगन में, 
तुम बहकर रहो विजेता।

संस्कार की नींव हमेशा, 
अपने बच्चों में डालो।
जैसे मैंने पाला तुमको, 
वैसे ही तुम भी पालो।।

जीवनसाथी के संग में तुम, 
वाद-विवाद न पनपाना।
आदर्शो की बेल हमेशा, 
घर-आँगन में उपजाना।।

माता-पिता, बुजुर्गों की, 
तुम सेवा करना मन से।
नितिन अनुज को अलग न करना, 
कभी स्वयं के जीवन से।।

सच्चाई के साथ हमेशा, 
निष्ठा से तुम काम करो।
लम्बा जीवन जियो, 
और दुनिया में अपना नाम करो।।

2 टिप्‍पणियां:

  1. मेरी भी हार्दिक शुभकामनाएँ है।
    सादर।

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 14-09-17 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2727 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं

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